अपना खोया प्यार हासिल करने का वजीफा
अल्लाह के सभी बंदो को सलाम अलायकुम बिस्मिलाह हिर्रहमान निररहीम सुभानल्लाह वादी हमदिही सुभानाल्लाही अज़ीम सल्लाल्लाहु आला मुहम्मद सल्लाल्लाहु अलायहे व आलेही वासल्लम | “मोहब्बत मुझे उसके हुसन से नहीं किरदार से थी वरना हसीन लोग तो बाज़ार में सरे आम बिका करते है |” मोहब्बत अल्लाह का दिया वो तोहफा है जो बहुत ही खुबसूरत और नायाब है | इस्लाम-ए-पाक में अल्लाहताला ने कुरान-ए-शरीफ के अंदर प्यार का दर्ज़ा बहुत ऊपर दिया है | कुरान-ए-शरीफ में ऐसी कई अमलियत, वजीफे और दुआएं है जिनके जरिये आप अपनी मोहब्बत हांसिल कर सकते है | कई मर्तबा लोग या तो मोहब्बत में धोखा खा जाते है या फिर उनका प्यार एक तरफ़ा ही रह जाता है | आपके रिश्तों में प्यार है पर आपके वालिद या परिवार वाले रिश्ते के लिए नहीं मानते तो मायूस ना हों | मौलवी सूफी सुल्तान जी का कुरान-ए-शरीफ का बहतरीन इल्म और कई सालो के तजुर्बे से आप अपना सच्चा प्यार पा सकते है | अपना खोया प्यार हासिल करने का वजीफा 11. 11 बार दरूद शरीफ पड़े 22. 1 ००० बार कहे “ अल्लाहुस समद ” 41...